गया: डीएम-एसएसपी की संयुक्त अध्यक्षता में दुर्गा पूजा को लेकर बैठक आयोजित, विस्तार से समीक्षा, कई निर्देश

गया: आगामी दुर्गा पूजा त्योहार 2023 के मद्देनजर जिले में विधि व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम एवं वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी तथा थाना अध्यक्ष के साथ बैठक करते हुए कहा कि इस वर्ष 15 अक्टूबर से दुर्गा पूजा का कलश स्थापना किया जाएगा। 22 अक्टूबर को अष्ठमी, 23 अक्टूबर को नवमी एव 24 अक्टूबर को दशमी एव रावण वध मनाया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष का दुर्गा पूजा काफी संवेदनशील है। सरकार की ओर से भी सभी जिलों को सतर्कता बरतने हेतु कई आवश्यक कार्य करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। सभी अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर पर्व को शांति माहौल में सम्पन्न करवाने को कहा है। दुर्गा पूजा के अवसर पर कई स्थानों पर कलश स्थापना एव मूर्ति विसर्जन प्रमुख रूप से होता है। इसकी पूरी विवरण सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष अच्छे तरीके से संधारित रखें।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि नवरात्रि के अवसर पर अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस वर्ष भगवान की प्रतिमा को बैठाने हेतु नया कोई भी लाइसेंस निर्गत नहीं किया जाएगा। पूर्व से ही जो लाइसेंस है उसे ही रिन्यू किया जाएगा। इसके लिए अनुमंडल वार सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष अपने स्तर पर आयोजन समिति के लोगों के साथ बैठक कर ले। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आयोजन समिति को यह निर्देश दे कि अपने-अपने मूर्ति पंडालों को मजबूती से पंडाल का निर्माण कराएं ताकि कोई भी छोटी से छोटी घटना ना हो सके। इसके साथ ही भीड़ में कोई घटना ना हो इसके लिए अपने पंडाल में सरकार द्वारा निर्गत सभी गाइडलाइन का अक्षरसः पालन भी करावे। सीसीटीवी कैमरे एवं आग बुझाने हेतु कम से कम पर्याप्त संख्या में सैंड बैग इत्यादि जरूर अपने पूजा पंडाल में रखें। सभी पूजा पंडालों में एंट्री एव एग्जिट की पूरी व्यवस्था रखे।
सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जुलूस का रूट सत्यापन करवा लें। कोई भी जुलूस का नया रुट मार्ग निर्धारण न करे। पुराने रुट से ही जुलूस को पार करवाये। कोई आयोजक अपने जुलूस का रुट परिवर्तन क्यों चाहते हैं, उसकी पूरी जांच एव समीक्षा के पश्चात ही एसडीओ अग्रेतर कार्य करें।
सभी पूजा पंडालों को निर्गत किये जाने वाले लाइसेंस में सभी शर्ते को पूरा विस्तार से अंकित करवाये। भीड़ नियंत्रण से संबंधित पूरी व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लाइसेंस में लिखें।
पूर्व वर्षों में जहां भी रावण दहन होता रहा है उनके आयोजको के साथ बैठक कर भीड़ नियंत्रण के जो आवश्यक कार्य हैं उसे करवा ले। रावण दहन के दौरान स्थल उपर्युक्त होना चाहिए, पर्याप्त एंट्री एव निकास व्यवस्था हो, रौशनी की पूरी व्यवस्था हो, पर्याप्त सीसीटीवी कैमरा, वॉलिंटियर्स आदि सभी नियमो का पालन करवाने हेतु पूरी समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि जिस किसी स्थान पर छोटी मोटी पूर्व में घटना हो चुकी है विशेषकर विगत 1 वर्ष में घटना नही हो, उन स्थानों पर अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष अनिवार्य रूप से निरीक्षण करते हुए वर्तमान स्थिति से अवगत कराएंगे तथा जिन स्थानों पर कोई पूर्व में बड़ी घटना हुई है उन स्थानों पर अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्वयं जाकर वर्तमान स्थिति से रूबरू होते हुए स्थानीय लोगों से बात करेंगे।
वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए शांति समिति की बैठक सभी थाना व अनुमंडल वार अवश्य करा लें।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित जुलूस मार्ग का सत्यापन अवश्य कर लें ताकि उसी निर्धारित रूट से ही दशहरा के प्रतिमा का विसर्जन कराया जा सके। साथ ही लाइसेंस में लिखित विषर्जन का समय मे ही कार्य पूर्ण होवे, इसे सभी थाना सुनिश्चित करवाये।
दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए जिले के असामाजिक तत्वो, अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर सख्त कार्यवाही करने हेतु अभियान चला कर धारा 107 की कार्रवाई करे एव कमसे कम 5 लाख रुपये का बाउंड डाउन करवाये। अगर आवश्यकता हो तो उन पर सीसीए एक्ट लगाने हेतु प्रस्ताव देने में कोताही ना बरतें।
ग्रामीण क्षेत्रो में भी उक्त पर्व के अवसर पर विशेष निगरानी एव सर्तकता बरतने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के हिसाब से जहां प्रॉपर धार्मिक आयोजन होना है यथा जागरण, रामलीला इत्यादि का ही सहमति विभिन्न सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार ही लाइसेंस निर्गत करे। इसके अलावा अन्य किसी प्रकार का झूला, पार्टी इत्यादि पर पूरी तरह रोक लगाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए जिले के असामाजिक तत्वो, अपराधी प्रवृत्ति के लोगों पर सख्त कार्यवाई करने हेतु प्रस्ताव देंने को कहा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि किसी भी क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव न हो, इसे सुनिश्चित कराया जाए। आसामाजिक तत्वों को चिन्हित कर हैवी अमाउंट के साथ बाउंड डाउन एवं धारा 107 की कार्रवाई करें। लाइसेंस में शर्ते पुरी विवरणी के साथ अंकित करें साथ ही कम से कम 10 लोगों का नाम लाइसेंस में लिखने के कार्य करें। किसी भी सूरत में डीजे को अनुमति नहीं किया गया है, डीजे की तरह से बंद है। साथ ही लाउड स्पीकर में जो भी कंटेंट बजाया जाएगा उसका सत्यापन हर हाल में थाना प्रभारी कर ले।
दुर्गा पूजा में अत्यधिक भीड़ को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था निर्बाध रूप से रहे इसके लिए अभी से ही ट्रैफिक प्लान तैयार कर ले।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर सोशल मीडिया पर पूरी नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कोई अफवाह या अन्य चीजें जो किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचने वाले कंटेंट अपलोड करते हैं, तो उन पर नजर रखते हुए अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।
नगर पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि पिछले वर्ष दुर्गा पूजा के अवसर पर गया शहरी क्षेत्र में कुल 111 लाइसेंस वाला जुलूस निकला था। जिसमे 99% प्रतिमाओं का विसर्जन रुक्मिणी तालाब में किया गया था। नगर निगम गया द्वारा विसर्जन हेतु विशेष व्यवस्था किया जाता है।
बैठक में नगर आयुक्त नगर निगम, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अपर समाहर्ता ज़िला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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