पासिंग आउट परेड के पूर्व फ्लाइंग रैबिट्स ने किया फ्लाई पास्ट

 

गया : साहसिक क्रियाएं जीवन में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे नए अनुभव प्रदान करती हैं और व्यक्ति को अपनी सीमाओं
को पार करने का साहस देती हैं। ये क्रियाएं स्वास्थ्य को सुधारने, मानसिक स्थिति को मजबूत करने और समृद्धि की
ओर एक महत्वपूर्ण कदम होती हैं। साथ ही, ये हमें टीमवर्क, सहयोग, और नेतृत्व कौशल में भी सुधार करती हैं, जो
आने वाले जीवन में भी उपयोगी होते हैं।आर्मी एडवेंचर नोडल सेंटर (माइक्रोलाइट) गया भारतीय सेना में माइक्रोलाइट फ्लाइंग का अग्रणी नोड रहा है।नोड के नाम कई ख्यातियाँ हैं और इसने विभिन्न राष्ट्रीय और सेना स्तर के अभियानों/एयर शो का संचालन और भाग लिया है। नोड ने अब तक 23000 घंटे से अधिक की सफल उड़ान भरी है तथा पाँच एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, दस इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और छह लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अपने नाम किये है।अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी गया में मल्टी एक्टिविटी डिस्प्ले के दौरान फ्लाइंग रैबिट्स मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । कार्यक्रम के आरंभ में टीम लीडर और पहले विमान के पायलट कर्नल राहुल मनकोटिया और सहपायलट सिपाही प्रफुल्ल फुकन ने विमान से राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय सेना ध्वज की श्रंखला प्रदर्शित की जिसका कुल आयाम 108 वर्ग फुट था । ये अब तक दुनिया में माइक्रोलाइट विमान द्वारा प्रदर्शित किए गए सबसे बड़े झंडे हैं।दूसरे विमान में पायलट के रूप में नायक प्रदीप सिंह और सह-पायलट नायब सूबेदार हेम चंद्र जोशी द्वारा नौसेना का ध्वज प्रदर्शित किया गया। तीसरे विमान ने सेना प्रशिक्षण कमान के झंडे को प्रदर्शित किया जिसमें पायलट के रूप में नायक यादव विजय कुमार और सह-पायलट के रूप में सिपाही नवीन तंवर थे। चौथे विमान ने सेना सेवा कोर का झंडा प्रदर्शित किया जिसमें पायलट के रूप में नायक रवि चौहान और और सह-पायलट के रूप में नायक विपिन शर्मा थे। अंतिम विमान में पायलट के रूप में हवलदार सुर्वे सोमनाथ तानाजी और सह-पायलट के रूप में सिपाही शंकर प्रधान ने अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी ध्वज प्रदर्शित किया।इसके बाद टीम लीडर कर्नल राहुल मनकोटिया ने स्टेडियम के ऊपर 360 डिग्री चक्कर लगाया और डेयर डेविल टच डाउन किया। टच डाउन के दौरान स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गुज उठा। ऐसी गतिविधियों के लिए असाधारण कौशल की आवश्यकता होती है। कुछ समय बाद फ्लाइंग रैबिट्स के विमानो ने बैनर के साथ फ्लाईपास्ट किया। पहले विमान के पायलट कर्नल राहुल मनकोटिया और सह-पायलट सिपाही प्रफुल्ल फुकन ने फ्लाइंग रैबिट्स का बैनर दिखाया जिसका कुल आयाम 275 वर्ग फुट था। ये बैनर अब तक दुनिया में माइक्रोलाइट विमान द्वारा प्रदर्शित किए गया सबसे बड़ा बैनर हैं । दूसरे विमान में पायलट के रूप में नायक प्रदीप सिंह और सह-पायलट नायब सूबेदार हेम चंद्र जोशी द्वारा सेवा अस्माकंम धर्मः का बैनर प्रदर्शित किया गया। तीसरे विमान ने सेना प्रशिक्षण कमान के आदर्श वाक्य शौर्य ज्ञान संकल्प का बैनर दिखाया जिसमें पायलट के रूप में नायक यादव विजय कुमार और सह-पायलट के रूप में सिपाही नवीन तंवर थे। अंतिम विमान में पायलट के रूप में हवलदार सुर्वे सोमनाथ तानाजी और सह-पायलट के रूप में सिपाही शंकर प्रधान ने ADIEU TES-42 AND SCO-51 का बैनर दिखाकर नवनियुकत अधिकारियों को विदाई और सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाये दी ।

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *